Rajasthan gk quiz in Hindi कला एवं संस्कृति Quiz

By | April 20, 2017

Rajasthan gk quiz in Hindi कला एवं संस्कृति Quiz Rajasthan GK in Hindi for RPSC competitions as REET, B.Ed. Exam, STC Exam, RPSC Teacher Lecturer Exam gk

प्रश्न 1.राजस्थान की लोक गायन शैलियों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में लोक गायन की विशिष्ट विधाएं विकसित हुईं जो शास्त्रीय संगीत की तरह ही राग-रागनियों पर आधारित हैं। यहां निम्न लोक गायन शैलियां प्रचलित हैंः-
(i) मांडगायिकी-जैसलमेर को10वीं शताब्दी में मांड कहते थे यहां गाई जाने वाली राग मांड गायिकी कहलाई यह एक शृंगार रसात्मक राग है। यहां जैसलमेरी मांड, बीकानेरी मांड, जोधपुरी मांड आदि मांड प्रसिद्ध हैं। गबरीदेवी, जिलाह बाई प्रमुख मांड गायिका थीं।
(ii) मांगणियार गायिकी-पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय सीमावर्ती क्षेत्रों बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर आदि में मांगणियार जाति के लोगों द्वारा अपने यजमानों के यहां मांगलिक अवसरों पर गाई जाने वाली लोक गायन शैली जिसमें मुख्यतः 6 राग एवं 36 रागनियां होती हैं इनके प्रमुख वाद्य कमायचा, खड़ताल। इसके प्रसिद्ध गायक गफूर खां, साकर खां, सद्दीक खां।
(iii) लंगागायिकी-मांगणियार कीतरह पश्चिमी क्षेत्र में
लंगा जाति द्वारा मांगलिक अवसरों पर गाई जाने वाली
गायन शैली, सारंगी तथा कमायचा इनके प्रमुख वाद्य
यंत्र हैं। इस गायन शैली के प्रमुख कलाकार फूसे खां, करीम खां।
(iv) तालबंदीगायिकी-पूर्वी राजस्थानके भरतपुर,
धौलपुर, करौली क्षेत्र में गाई जाती है। इसमें प्राचीन
कवियों की पदावलियों को गाया जाता है। इसके प्रमुख
वाद्य सारंगी, हारमोनियम, ढोलक, तबला हैं।

प्रश्न2. राजस्थान की जल स्थापत्य कला?
उत्तर राजस्थानअपनी परम्परागत स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध
है। इसके अंतर्गत कुआं, टांके, बावड़ियों की स्थापत्य कला
विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
(1) कुआं-शेखावाटीक्षेत्र में कुआंे को चित्रित करके
बनाया गया है इसके निर्माण में मध्यम वर्ग का योगदान
रहा है।
बाड़मेर के बटाडू गांव में आधुनिक पाषाण कला से निर्मित संगमरमर के कुएं दर्शनीय हंै।
बांदी (दासी) द्वारा बनवाए कुएं के नाम पर बांदीकुई कस्बे का नाम रखा गया।
(2) टांके-बरसातीपानी के संग्रह हेतु जयपुर-जयगढ़ किले में निर्मित टांका दर्शनीय है।
(3) बावड़ियां-राजा,रानियों एवं उच्चवर्ग द्वारा इनका
निर्माण करवाया गया, जो ये हैं-
चांदबावड़ी-आभानेरी(दौसा) में स्थित 8वीं सदी के गुर्जर प्रतिहार शासकों द्वारा निर्मित बावड़ी जो मूर्तियों से सुसज्जित है।
त्रिमुखीबावड़ी- मेवाड़महाराजा राजसिंह की पत्नी रामरसदे के द्वारा उदयपुर में निर्मित। इसमें लगी प्रशस्ति में बप्पारावल से राजसिंह तक के मेवाड़ शासकों की वंशावली ऐतिहासिक घटनाएं अंकित हंै।
रानीजीकी बावड़ी- इसकानिर्माण बूंदी महाराजा अनिरुद्ध सिंह की पत्नी नाथावत ने करवाया, इसमें संुदर चित्र एवं देवी-देवताओं की मूर्तियां लगी हंै।
इसके अतिरिक्त नौलखा बावड़ी (डूंगरपुर), घौसुण्डी बावड़ी (चित्तौड़गढ़) अन्य महत्वपूर्ण बावड़ियां हैं। जो राजस्थान के जल संरक्षण के लिए वर्तमान समय में भी प्रासंगिक है।
प्रश्न3. राजस्थान में प्रचलित बोलियां।
उत्तर राजस्थानबोलियों की दृष्टि से सम्पन्न राज्य है। यहां निम्न बोलियां बोली जाती हैं।
1.पश्चिमी राजस्थान की बोलियां-
(अ)मारवाड़ी- विशुद्धमारवाड़ी जो जोधपुर के आस- पास बोली जाती हैं।
साहित्यिक रूप डिंगल जिसकी उत्पत्ति गुर्जरी अपभ्रंश से हुई है।
(ब) मेवाड़ी-उदयपुरऔरउसके आस-पास के क्षेत्र में प्रचलित है।
(स) बागड़ी-डूंगरपुर,बांसवाड़ाक्षेत्र में प्रचलित, गुजराती
प्रभाव दिखाई पड़ता है।
(द) शेेखावाटी-शेखावाटीक्षेत्रमें प्रचलित जिस पर
मारवाड़ एवं ढूंढाड़ का प्रभाव दिखाई पड़ता है।
2.मध्य-पूर्वी राजस्थान-
(अ)ढूंढाड़ी-जयपुर, टोंक,अजमेर में प्रचलित। इसमें गुजराती, मारवाड़ी ब्रज का प्रभाव है।
(ब) हाड़ौती-कोटा,बूंदी, झालावाड़ में प्रचलित। यह ढूंढाड़ी की उप बोली है।
3.उत्तरी-पूर्वी राजस्थान-
(अ)मेवाती- अलवर,भरतपुर के मेव बाहुल्य क्षत्र में
प्रचलित, ब्रज भाषा का प्रभाव।
(ब) अहीरवाटी/राठी-अलवर,कोटपुतलीमें प्रचलित,
हरियाणवी मेवाती के बीच की बोली।
4.दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान-
(अ)मालवी- मालवाक्षेत्र में प्रचलित। मारवाड़ी ढूंढाड़ी का प्रभाव है।
(ब) नीमाड़ी-दक्षिणी राजस्थान में प्रचलित, इस पर
गुजराती, भीली, खानदेशी का प्रभाव है।

One thought on “Rajasthan gk quiz in Hindi कला एवं संस्कृति Quiz

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